पार्षद कैसे बने – वार्ड का पार्षद कैसे बने – पार्षद बनने के लिए क्या-क्या नियम होते हैं – How to Become A Ward Parshad

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पार्षद कैसे बने

दोस्तों आज हम बात करेंगे पार्षद कैसे बने। (How To Become A Ward Parshad) दोस्तों वार्ड पार्षद बनने के लिए सबसे जरूरी होता हैं आपकी जानकारी कितनी हैं आपके मोहल्ले, वार्ड में। यानि आपकी छवि क्या हैं। आपको पूरे वार्डवासी जैसे आदमी, औरत, बच्चे, बूढ़े सभी आपको जानने चाहिए। सभी वार्डवासियों को आपके ऊपर विश्वाश भी होना चाहिए क्यों की वार्ड पार्षद ही मोहल्ले वालो का छोटा मोटा काम करता हैं। सभी सरकारी योजनाओ की भी जानकारी होनी चाहिए और उसका व्यवहार भी वार्ड के प्रति अच्छा होना चाहिए।

अगर आपने किसी राजनैतिक पार्टी से संबंद हैं मतलब आप किसी राजनैतिक पार्टी के कार्यकर्त्ता, प्रतिनिधि हैं तो आपको बहुत ज्यादा मदद मिल सकती हैं वार्ड पार्षद बनने के लिए। वार्ड के लोग आपके ऊपर विश्वाश करके आपको पार्षद बनाते हैं तो आपको उनकी उम्मीदों पर खरा उतरना होगा और वार्ड या मोहल्ले के सभी कार्य जैसे पानी की समस्या, बिजली की समस्या, सड़क निर्माण की समस्या आदि का निवारण भी करना होगा।

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वार्ड पार्षद कैसे बने

भारत के 74 वें सविधान के अंतर्गत स्थानीय शासन का प्रावधान किया गया हैं। इसके अंतर्गत नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत की व्यवस्था की गयी हैं। इसका निर्धारण जनसँख्या के आधार पर होता हैं की किस जिले में कितनी जनसँख्या हैं। ज्यादा जनसँख्या हैं तो नगर निगम और कम हैं तो नगर पालिका बनाई जाती हैं। स्थानीय शासन के अंतर्गत पार्षद का पद आया हैं, जिसे उस स्थान/इलाके की जनता प्रत्यक्ष मतदान के द्वारा चुनती हैं। आपको एक पार्षद के रूप में अपने स्थान/इलाके के लोगो को अच्छी नागरिक सेवा प्रदान करना होगा हैं और पार्षद बनने के बाद आपको अपने वार्डवासियो की सभी समस्या जो भी नगर परिषद् के अंतर्गत आती हैं उनका समाधान करना होगा।

पार्षद क्या हैं

प्रत्येक शहर को छोटे-छोटे नगर अथवा मोहल्लो में विभाजित। इसके बाद नगर/मोहल्लो को वार्ड में विभाजित किया जाता हैं। प्रत्येक वार्ड के प्रतिनिधि को पार्षद कहा जाता हैं। पार्षद को सीधे उस वार्ड की जनता द्वारा चुना जाता हैं। पार्षद को उस वार्ड से सम्बधित सभी समस्याओ को नगर पालिका या नगर परिषद् में पेश करता हैं।

जिसके उपरांत परिषद् द्वारा बजट पास करके उस समस्या का समाधान किया जाता हैं।

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पार्षद कैसे बने [How to Become A Ward Parshad]

राज्य सरकार की सहायता से निर्वाचन आयोग हर 5 साल में के अन्दर नगर निकाय/नगर परिषद् चुनाव का आयोजन करती हैं। इस चुनाव में जनता अपने हिसाब यानि जनता प्रत्यक्ष मतदान करके पार्षद चुनती हैं। अगर आपको लगे की आपकी छवि आपके मोहल्ले में या आपके वार्ड में बहुत अच्छी हैं तो आप पार्षद का चुनाव लड़ सकते हो और भारी वोटो से जीत सकते हो। आप सोच समज कर ही पार्षद बनने के लिए आवेदन करे ऐसा नहीं की आपको किसी दोस्त ने या फिर आपके रिश्तेदार ने जबरदस्ती पार्षद का फॉर्म भरवा दे और आप बाद में हार जाओ।

Important Notice

नीचे कुछ महत्पूर्ण बाते हैं।

  • पार्षद बनने के लिए आपकी अपने मोहल्ले में या वार्ड में अच्छी छवि का होना जरूरी हैं।
  • पार्षद बनने के लिए आपको पहले से ही समाज/मोहल्ले के प्रति कार्य करना चाहिए।
  • आपको पार्षद बनने की तैयारी एक से दो साल पहले ही करनी चाहिए।
  • पार्षद बनने के लिए आप अपने वार्डवासियों के प्रति विनर्म रहे सभी से प्रेम से रहे और मीठा बोले।
  • पार्षद चुनाव लड़ने से पहले ही आप अपने मोहल्ले के छोटे-मोटे काम जैसे मंदिरों में भंडारे में सहयोग करना, वार्ड के अन्दर अगर कोई आवारा पशु मर जाता हैं तो उसकी रिपोर्ट नगर परिषद् में करना, बिजली की समस्या की शिकायत करना और ध्यान रहे ये सभी कार्य जनता को दिखाकर करना हैं जिससे जनता को पता रहे की आप कार्य कर रहे हो।
  • गरीब लोगो की मदद करना जैसे उनको सरकारी योजनाओ के बारे में बताना उनको स्थानीय पार्षद के द्वारा सरकारी काम करवाना जो भी परिषद् के अंतर्गत आता हैं।
  • अगर आप किसी राजनैतिक पार्टी के सदस्यों हैं तो बहुत अच्छा होगा और नहीं हैं कोई संगठन ज्वाइन कर ले। जिससे आपको किसी पार्टी की टिकट मिलने में आसानी हो सके।
  • ये सभी एक आम इंसान होकर भी कर सकते हो और फिर जनता में आपके प्रति विश्वाश बढता जाता हैं और फिर आप पार्षद का चुनाव लड़ सकते हो।

पार्षद बनने के लिए योग्यता

पार्षद बनने के लिए अगल-अलग राज्यों में अलग नियम भी हो सकते हैं। आपके राज्य के अनुसार नियम होते हैं।

  1. आपकी उम्र 21 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए 21 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए ऊपर चाहे कितनी भी हो
  2. 10 वीं पास होना चाहिए फ़िलहाल सरकार ने कोई भी ऐसी योग्यता नहीं निर्धारित की हैं बस आप पढे-लिखे होने चाहिए ताकि आपको सभी तरह की जानकारी हो
  3. वर्ष 1995 के बाद दो या दो से अधिक संतान नहीं होनी चाहिए (केवल शादीशुदा लोगो के लिए)
  4. आप किसी भी सरकारी पद पर कार्यरत नहीं होने चाहिए
  5. पागल या दिवालिया घोषित नहीं होना चाहिए
  6. भारत के किसी भी मतदाता सूचि में आपका नाम होना चाहिए
  7. जब आप निर्वाचन आयोग में पार्षद के लिए अपील करते हो तो आपको अपनी सभी सम्पति का भी ब्यौरा देना होगा
  8. गंभीर अपराधो में सजा युक्त या कोई भी कानूनी कार्यवाही नहीं होनी चाहिए

पार्षद की सैलेरी

दोस्तों पार्षद के लिए सैलरी भी अलग-अलग होती हैं। सामान्यतौर पर पार्षद की सैलरी 2800 रूपये प्रति महीने होती हैं और एक हजार रूपये प्रति बैठक भत्ता भी प्रधान किया जाता हैं और ये सब आपके राज्य के अनुसार होती हैं। नगर निगम के पार्षद की सैलरी अलग होती हैं और नगर परिषद् के पार्षद की सैलरी अलग होती हैं।

नगर निगम में जनसँख्या ज्यादा होती तो वहां पर पार्षद की सैलेरी भी ज्यादा होती हैं।

पार्षद के कार्य

दोस्तों पार्षद के बहुत से कार्य होते हैं-

  • सभी पार्षद को अपने-अपने वार्ड में 5-5 लाख रूपये (ये अनुमानित राशी हैं) विकास कार्य कराने का अधिकार प्रधान किया जाता हैं।
  • पार्षद को अपने वार्ड में रोड लाइट लगवानी होती हैं
  • सड़क निर्माण कार्य
  • पानी की समस्या पार्षद के अंतर्गत नहीं आती जब पार्षद को ये कार्य करना होता हैं।
  • पेंशन के फॉर्म पर मुहर लगाना
  • जाति प्रमाण-पत्र और मूल निवास प्रमाण-पत्र पर मुहर लगाना
  • सरकारी योजनाओ में बहुत से ऐसे फॉर्म होते हैं जिन्हें पार्षद को अपने हस्ताक्षर करके मुहर लगनी होती हैं।
  • अपने वार्ड में राजनैतिक कार्य भी करने होते हैं।

पार्षद बनने के लिए दस्तावेज

  • विवाह पंजीयन/मैरिज सर्टिफिकेट (शादीशुदा होने पर)
  • मूल निवास प्रमाण पत्र (डिजिटल होना चाहिए पुराना वाला नहीं चलेगा)
  • जाति प्रमाण पत्र (डिजिटल होना चाहिए पुराना वाला नहीं चलेगा)
  • वोटर आई डी
  • चार पासपोर्ट साइज़ फोटो
  • आधार कार्ड
  • पार्षद का Resume
  • स्वघोषणा प्रमाण पत्र

आवेदन प्रक्रिया

दोस्तों पार्षद बनने के लिए आपको आवेदन या फॉर्म निर्वाचन आयोग में करना होता हैं। अलग-अलग राज्यों में नियम अलग हो सकते हैं। वैसे चुनाव आयोग के पास अधिकार होता हैं की आवेदन निर्वाचन अधिकारी के पास देना हैं SDM के पास।

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